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सोहन भैया कुछ दिनों पहले ही विलायत से लौटे थे सोहन भैया अपना बिजनेस दिल्ली में ही शुरू करना चाहते थे वह काफी वर्षों से अमेरिका में ही जॉब कर रहे थे अब वह दिल्ली शिफ्ट होने के बारे में सोचने लगे हैं। भाभी की मां से नहीं बनती थी इसलिए वह अलग ही रहती हैं भैया जब दिल्ली आए तो उन्होंने मुझे घर पर बुलाया और कहने लगे कि रोहित अब मैं दिल्ली में ही शिफ्ट हो रहा हूं। मैंने भैया से कहा तो भैया आप क्या अब अमेरिका नहीं जाएंगे भैया कहने लगे नहीं रोहित वहां पर मुझे बहुत वर्ष हो चुके हैं अब मैं चाहता हूँ कि घर पर ही थोड़ा समय दूँ और यहीं पर कोई बिजनेस शुरू कर लूँ। मैंने भैया से कहा ठीक है भैया आप देख लीजिए जैसा आपको सही लगता है भैया कहने लगे हां मैंने तो पूरा मन बना लिया है अब मैं यहीं पर कोई काम शुरू करने वाला हूं भैया और भाभी मुझसे कहने लगे की मां कैसी है। मैंने उन्हें कहा मां तो अच्छी है लेकिन आप यदि घर भी आ जाते तो मां को अच्छा लगता भैया कहने लगे कि हां मैं घर भी आ जाऊंगा।
भाभी की वजह से भैया भी घर कम ही आया करते थे अब वह पूरी तरीके से बदल चुके हैं और पहले की तरह वह बिल्कुल भी नहीं है उन्होंने मुझे कहा कि मैं कल घर पर आऊंगा। मैंने भैया से कहा ठीक है भैया आप घर पर आ जाइएगा और मैं वहां से घर लौट आया मैं जब घर आया तो मां पूछने लगी क्या सोहन घर आया हुआ है मैंने मां से कहा हां मां भैया घर आए हुए हैं और वह कल आपसे मिलने के लिए आएंगे। पहले ऐसा बिल्कुल भी नहीं था लेकिन अब एक ही परिवार होते हुए भी सब दूर दूर हो चुके हैं और एक दूसरे से कोई भी संपर्क नहीं हो पाता। भैया तो मुझे अक्सर फोन कर देते हैं लेकिन भाभी तो हमसे मिलने के लिए कभी आती ही नहीं है। अगले दिन भैया घर पर आए तो मां के चेहरे पर खुशी थी मां के चेहरे पर ही असली खुशी थी कि इतने समय बाद भैया घर पर आ रहे थे और सोहन भैया भी खुश थे। मां ने सोहन भैया से कहा कि क्या तुम अब दिल्ली में ही रहोगे तो भैया कहने लगे कि हां मैं दिल्ली में ही रहूंगा। जब उन्होंने यह बात कही तो मैंने भैया से कहा वैसे आपने बहुत अच्छा फैसला लिया क्योंकि अब भाभी और बच्चों को भी आपकी जरूरत है इतने वर्षों से आप घर से दूर रह रहे थे लेकिन अब उनको आपकी जरूरत है।
भैया कहने लगे हां तुम बिल्कुल ठीक कह रहे हो अब उनको मेरी जरूरत है इसीलिए तो मैं घर पर रहना चाहता हूं। भैया मां के साथ बात कर रहे थे और उस दिन भैया ने घर पर ही खाना खाया इतने समय बाद मां ने अपने हाथों से भैया को खाना खिलाया। मां की आंखों में आंसू थे और उन दोनों को अलग करने के पीछे शायद भाभी का ही हाथ था लेकिन जब भैया घर से चले गए तो मां कहने लगी कि सोहन अब भी वैसा ही है जैसा पहले था। मैंने मां से कहा मां भला भैया कहां बदलने वाले हैं मैंने मां से कहा मां मुझे भी अभी अपने काम से जाना है तो मां कहने लगी ठीक है बेटा तुम कब तक लौट आओगे। मैंने मां से कहा मां मुझे आने में देर हो जाएगी यदि मुझे आने में देर हो जाए तो आप खाना खा लीजिएगा मां कहने लगी ठीक है बेटा मैं खाना खा लूंगा और फिर मैं अपने काम पर चला गया। मुझे शाम के वक्त आने में देर हो गई थी तो मां कहने लगी बेटा मैंने तो खाना खा लिया मैंने मां से कहा कोई बात नहीं मां यदि आपने खाना खा लिया। मां कहने लगी कि बेटा मैं तुम्हारे लिए अभी खाना लगा देती हूं, मां ने मेरे लिए खाना लगा दिया उसके बाद वह मुझे कहने लगी की चलो रोहित बेटा तुम भी खाना खा लो। मैंने मां से कहा हां मां मैं भी खाना खा लेता हूं मैंने भी खाना खा लिया और उसके बाद मैं अपने कमरे में सोने के लिए चला गया। मैं अपने बिस्तर पर बैठा हुआ था कि तभी मेरे दोस्त कुंदन का फोन आ गया और वह कहने लगा कि रोहित क्या तुम सो गए थे। मैंने कुंदन से कहा नहीं दोस्त मैं अभी नहीं सोया था बताओ क्या कोई काम था वह कहने लगा हां मुझे तुमसे यह पूछना था कि कल क्या तुम फ्री हो मैंने कुंदन से कहा हां मैं कल फ्री हूं। वह मुझे कहने लगा कल यदि तुम फ्री हो तो मेरे साथ क्या तुम अस्पताल चल सकते हो, मैंने कुंदन से कहा आखिर तुम्हें हुआ क्या है।
कुंदन कहने लगा यार कुछ दिनों से मेरी तबीयत ठीक नहीं है मैं सोच रहा था कि डॉक्टर के पास चला जाऊं लेकिन मेरी अकेले जाने की हिम्मत नहीं हो रही है इसलिए मैंने सोचा तुम्हें कहूं यदि तुम्हारे पास समय है तो तुम मेरे साथ चलो। मैंने कुंदन से कहा कुंदन मैं तुम्हारे साथ चलने को तैयार हूं तुम कल सुबह मुझे कह देना कितने बजे जाना है तो मैं तुम्हारे साथ आ जाऊंगा। जब कुंदन से मैंने यह बात कही तो कुंदन मुझे कहने लगा कि ठीक है मै तुम्हें फोन कर दूंगा। कुंदन ने फोन रख दिया था और मैं भी सो गया सुबह मैं जल्दी ही तैयार हो गया था कुंदन का मुझे फोन आया और वह कहने लगा कि क्या तुम तैयार हो चुके हो मैंने कुंदन से कहा हां मैं तैयार हूं। कुंदन कहने लगा तुम मेरे घर पर ही आ जाओ और मैं कुंदन के घर पर चला गया मैं जब कुंदन के घर गया तो कुंदन मुझे कहने लगा कि मैं अभी आता हूं। कुंदन अपना बटवा घर पर ही बुल गया था और फिर कुंदन अपना बटवा लेने के लिए चला गया वह अपना बटवा लेकर आया और कहने लगा चलो चलते हैं, हम दोनों वहां से अस्पताल चले गए।
जब मैं कुंदन के साथ अस्पताल गया तो हम लोगों ने जिन डॉक्टर से अपॉइंटमेंट लिया था जब हम उनसे मिलने गए तो वह मेरी तरफ देखकर कहने लगी कि क्या आप रोहित हैं? मैंने उन्हें कहा हां मेरा नाम रोहित है लेकिन मैंने आपको पहचाना नहीं वह मुझे कहने लगी मेरा नाम सुमोना है। मैंने उन्हें कहा लेकिन मैंने आपको अभी तक नहीं पहचाना तो उन्होंने मुझे अपना परिचय दिया तो मैं उन्हें पहचान चुका था। डॉ सुमोना हमारे परिचित की बेटी हैं उनसे अब मेरे मुलाकात हो चुकी थी तो उन्होंने मेरी और कुंदन की बड़ी मदद की उसके बाद मुझे जब भी कोई तकलीफ होती तो मैं उन्हीं के पास जाया करता था। मेरे पास डॉक्टर सुमोना का नंबर भी था इसलिए मैं सुमोना को फोन कर दिया करता था और वह मेरी मदद फोन पर भी कर दिया करती थी। एक रोज मैंने सुमोना को कोई अश्लील मैसेज भेज दिया तो वह मुझे कहने लगी आपने मुझे यह क्या भेज दिया। मैंने सुमोना से माफी मांगी लेकिन सुमोना की चूत से कुछ ज्यादा ही पानी बाहर निकलने लगा था इसलिए वह मुझ पर डोरे डालने लगी थी। सुमोना ने जब मुझे अपने पास अपने केबिन में बुलाया तो मैं उसके केबिन मे चला गया। सुमोना की लिपस्टिक को देखकर मैंने सुमोना की तारीफ की और कहा तुम्हारे होठ तो बडे ही अच्छी है। सुमोना मुझे कहने लगी क्या मैं और आप एक हो सकते हैं। मैं सुमोना की बात को समझ चुका था हम लोगों ने वहां से फिलहाल जाने का फैसला किया और हम लोग वहां से एक होटल में चले आए क्योंकि सुमोना को भी अपने ओहदे का बड़ा डर था इसलिए हम लोग होटल में चले आए और वहां पर मैंने जब सुमोना को चूमना शुरू किया तो मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। उसके होठों से मैंने लिपस्टिक को पूरा साफ कर दिया था जब उसने सेक्सी होंठो से लंड का रसपान किया तो मेरा लंड एकदम तन कर खड़ा हो चुका था। मैंने सुमोना से कहा तुम मेरे लंड को अपने मुंह मे ऐसे ही लेते रहो। सुमोना ने बहुत देर तक मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर बाहर किया और मुझे भी पूरे मजे दिलवाए। सुमोन ने काफी देर तक मेरे मोटे लंड के मजे लिए जब सुमोना की योनि से पानी बाहर की तरफ को निकलने लगा तो वह मुझे कहने लगी आप मेरी चूत को चाटो है।
सुमोना ने अपने पैरों को मेरी तरफ किया और मैंने सुमोना कि जींस को उतारते हुए उसकी पिंक कलर की पैंटी को उतार दिया जब मैंने सुमोना की योनि पर अपनी जीभ का स्पर्श किया तो वह मुझे कहने लगी कि आप अपने लंड को डाल दीजिए। सुमोना की योनि में मैंने अपनी जीभ से बड़े ही अच्छे तरीके से चाटना शुरू किया और काफी देर तक मैं सुमोना की योनि को चाटता रहा मुझे भी बड़ा मजा आया। जैसे ही मैंने सुमोना की चूत को सहलाया तो सुमोना की योनि के अंदर मैंने अपने लंड को घुसाया और अंदर की तरफ धक्के देने शुरू किए। अंदर की तरफ मेरा लंड घुसते ही सुमोना के मुंह से चीख निकल पड़ी थी वह तेजी से चिल्ला रही थी। मैं सुमोना को बड़ी तेजी से धक्के मार रहा था सुमोना की योनि की चिकनाई में बढ़ोतरी होने लगी।
मै लगातार तेजी से सुमोना की चूत के मजे ले रहा था और काफी देर तक मैंने ऐसा ही किया लेकिन जैसे ही मेरा वीर्य सुमोना की योनि के अंदर गिरा तो सुमोना मुझे कहने लगी मुझे अभी मजा नहीं आया है आप थोड़ी देर और ऐसा कीजिए। सुमोना ने लंड को दोबारा से खड़ा कर दिया सुमोना ने मेरे मोटे लंड को मुंह के अंदर ले लिया वह बड़े अच्छे से उसे चूसने लगी थी। काफी देर तक सुमोना ने ऐसा ही किया जब सुमोना ने मेरे लंड को अपनी योनि में लिया तो मुझे मज़ा आने लगा। सुमोना ने अपनी चूत के अंदर लंड को ले लिया था जिस प्रकार से वह अपनी चूतडो को हिलाने लगी तो उससे मुझे बड़ा मजा आता। मेरा लंड पूरी तरीके से छिलकर बेहाल हो चुका था लेकिन मुझे बहुत मजा आ रहा था। मैं ऐसे ही सुमोना को बड़ी तेजी से धक्के मारता जा रहा था सुमोना अपनी चूतडो को ऊपर नीचे करती जा रही थी। डॉक्टर सुमोना की चूत से कुछ ज्यादा ही पानी बाहर निकलने लगा था और उसकी गर्मी को मैं तो बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं कर पाया मैंने अपने वीर्य को सुमोना की चूत मे गिरा दिया। उसके बाद तो हम दोनों एक दूसरे के साथ ही सेक्स किया करते थे।



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