मैं ऑफिस से लौट रहा था मैं अपने घर के दरवाजे पर पहुंचा ही था कि मेरी तबीयत अचानक खराब हो गई मेरी पत्नी मुझे बोलने लगी तुम्हे क्या हो गया है तो मैंने अपनी पत्नी को बताया मेरी तबीयत कुछ ठीक नहीं है। वह कहने लगी मैं तुम्हें डॉक्टर के पास ले चलती हूं मैंने उसे कहा नहीं तुम मुझे फिलहाल बुखार की दवाई दे दो। उसने अलमारी से दवाई का पैकेट निकाला और उसमें से मुझे एक टेबलेट उसने दे दी मैं वह टेबलेट खाकर सो गया मुझे थोड़ा आराम मिल चुका था परंतु जब मेरी आंख खुली तो मेरा बदन दोबारा से तपने लगा और मैं बहुत ज्यादा बुखार से पीड़ित था। मेरी पत्नी कहने लगी कि मैं तुम्हें डॉक्टर के पास ले जाती हूं लेकिन मेरी जाने की हिम्मत नहीं थी इसलिए उसने हमारे घर के पास ही एक डॉक्टर है उन्हें घर पर बुला लिया। डॉक्टर ने मुझे देखा तो वह कहने लगे कि आपको तो बहुत ज्यादा बुखार है हो सकता है कि यह डेंगू भी हो मैंने उन्हें कहा डॉक्टर साहब ऐसा मत कहिए फिर तो मुझे मेरे काम से छुट्टी लेनी पड़ेगी।
वह कहने लगे आप फिलहाल अपना ध्यान रखिए काम तो आपका होता ही रहेगा। जब उन्होंने मुझसे यह बात कही तो मुझे भी लगा कि वह ठीक कह रहे हैं मेरी तबीयत वाकई में बहुत ज्यादा खराब थी और जब मेरा ब्लड टेस्ट हुआ तो उसके बाद पता चला कि मुझे वाकई में डेंगू हो चुका है। मेरे प्लेटलेट्स बहुत गिर चुके थे और मैं बहुत ज्यादा कमजोर हो गया था मेरा इलाज चल रहा था लेकिन मेरे शरीर में कमजोरी बहुत आ चुकी थी जिसकी वजह से मैं बहुत दुबला पतला हो गया था। अब धीरे धीरे मेरी तबीयत ठीक होने लगी और कुछ ही समय मे मैं पूरी तरीके से ठीक हो चुका था मुझे ठीक होने में करीब दो महीने लग गए दो महीने में मैं पूरी तरीके से ठीक हो चुका था और अपने ऑफिस भी जाने लगा था। मेरी पत्नी मुझे कहने लगी कि मुझे आपसे कोई जरूरी काम था तो मैंने अपनी पत्नी से कहा कि हां कुसुम कहो ना तुम्हें क्या काम था तो वह कहने लगी कि मुझे आपसे यह कहना था कि मुझे कुछ पैसों की जरूरत थी। मैंने कुसुम से कहा ठीक है मैं तुम्हें पैसे दे दूंगा कुसुम कहने लगी कि लेकिन मुझे अभी चाहिए थे मैं कुसुम से कहने लगा कि अभी तो मेरे पास ज्यादा पैसे नहीं है।
कुसुम कहने लगी कि जितने भी हैं आप मुझे दे दीजिए मैंने कुसुम से कहा लेकिन तुम पैसों का क्या करोगी वह मुझे कहने लगी कि मुझे अपने लिए कुछ सामान खरीदना था उसके लिए मुझे पैसे चाहिए थे। मैंने कुसुम को पैसे दे दिए थे और मैं अपने ऑफिस के लिए निकल चुका था कुछ समय से मैं कुसुम के हाव-भाव बदलते हुए देख रहा था मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि आखिर उसके अंदर इतना बदलाव कैसे आ रहा है। वह काफी ज्यादा बदल गई थी जैसे वह पहले मेरे साथ बर्ताव करती थी और जिस प्रकार से वह मेरा ध्यान रखती थी अब ऐसा कुछ भी नहीं था मुझे कुछ समझ नहीं आया। जब मैंने इसके बारे में जानने की कोशिश की तो मुझे पता चला कि कुसुम किसी के प्यार में गिरफ्तार हो चुकी हैं मैं बहुत ज्यादा दुखी हो गया। मैंने कुसुम से इस बारे में बात तो नहीं की लेकिन मैं बहुत ज्यादा परेशान हो चुका था और सोचने लगा कि क्या मेरी इस परेशानी का हल मुझे मिल पाएगा आखिरकार मुझे मेरी परेशानी का जवाब उस वक्त मिला जब हमारे पड़ोस में कमला रहने के लिए आई। कमला एक विधवा महिला है लेकिन उसे देखते ही मुझे जैसे उससे इश्क होने लगा था और मैं उसके इश्क में गिरफ्तार हो चुका था। मेरी पत्नी की बेवफाई अब बहुत ज्यादा बढ़ चुकी थी और मैं उसकी बेवफाई को बर्दाश ना कर सका इसलिए मैंने कमला का सहारा लिया और कमला भी मुझे हमेशा देखा करती थी। यह बात मेरी बीवी को पता नहीं थी मैंने कुसुम को इस बारे में कभी भनक लगने ही नहीं दी क्योंकि मामला पड़ोस का था इसलिए मुझे आस पड़ोस में देखना पड़ता था ताकि किसी को मेरे ऊपर शक ना हो जाए। मेरे पास उन बातों का कोई जवाब भी नहीं था लेकिन मैं अंदर से बहुत तनहा था मेरी तन्हाई की वजह सिर्फ मेरी पत्नी कुसुम थी उसकी बेवफाई की वजह से मैं पूरी तरीके से कमला के इश्क में गिरफ्तार हो चुका था और मेरी दिन रात की नींद गायब थी।
मुझे सिर्फ कमला से मिलने का मन करता था कमला और मेरी भी बातचीत होती थी लेकिन समाज के डर से मैं कमला को अपने दिल की बात कह ना सका। हम लोग अक्सर मिला करते थे और कमला से मिलना मुझे अच्छा लगता जब भी कमला मुझसे बात करती तो मैं उसकी तरफ बड़े ध्यान से देखा करता था। कमला ने मुझे अपने और अपने पति के बारे में भी बताया था मैंने कमला से कहा कि तुम्हारी शादी को कितना समय हुआ था तो कमला कहने लगी मेरी शादी को मात्र 6 माह ही हुआ था कि मेरे पति एक बीमारी के कारण चल बसे। भरी जवानी में पति के जाने का गम तो कमला झेल रही थी और उसकी जिंदगी में भी काफी तनाव था मैं भी इसी तनाव से जूझ रहा था और मेरी जिंदगी में भी अब मेरी पत्नी की बेवफाई का गम दिन रात मुझे काटने को दौड़ता था। मुझे लगता कि क्या कभी मैं कुसुम को समझा पाऊंगा हालांकि मैंने कुसुम को काफी समझाने की कोशिश की लेकिन अब वह मेरी जिंदगी से दूर जा चुकी थी और मुझे बिल्कुल भी उम्मीद नहीं थी कि अब कुसुम मेरे पास वापस लौटने वाली है। इस वजह से कई बार कुसुम और मेरे बीच में झगड़े भी होने लगे थे और बात बहुत आगे बढ़ने लगी थी जब भी हमारे झगड़े होते तो आस पड़ोस के लोग देखा करते थे और इस बात से मैं बहुत ज्यादा परेशान था। मैंने कुसुम को समझाने की कोशिश की लेकिन कुसुम मुझसे अलग होने की कोशिश में थी। हम दोनों एक ही छत के नीचे रहते जरूर थे लेकिन हम दोनों में प्यार नहीं था।
मैं जब भी कमला से मिलता तो मुझे बहुत अच्छा लगता था और कमला को भी मुझसे मिलना अच्छा लगता। हम दोनों ही एक दूसरे के साथ जब भी होते तो मुझे बहुत खुशी होती थी मैंने एक दिन कमला को अपनी पत्नी की बेवफाई बता दी। कमला उस दिन मेरे साथ ही बैठी हुई थी जब मैंने कमला को अपनी पत्नी कुसुम की बेवफाई की बात बताई तो कमला को भी बुरा लगा। वह कहने लगी उसको तुम्हारे साथ ऐसा नहीं करना चाहिए था। कमला के घर पर मेरा अक्सर आना-जाना लगा रहता था मैं उसे चोरी छुपे मिला करता था। एक दिन कमला से मिलने के लिए मैं रात के वक्त चला गया जब मैं रात के वक्त कमला के घर पर गया तो उस दिन वह नाइटी में थी उसने गुलाबी रंग की नाइटी पहनी हुई थी उसमें वह बड़ी ही सुंदर लग रही थी। मुझे कमला के साथ बात करना अच्छा लग रहा था मैंने कमला के हुस्न की बहुत तारीफ की मैं चाहता था कि कमला के बदन को मैं चोदकर अपना बना लूं। मैंने जब कमला को किस करना शुरू किया तो वह अपने आपको ना रोक सकी उसकी गांड को जब मै दबाता तो उसे भी मज़ा आ जाता। मैंने उसकी गांड को बहुत देर तक दबाया उसकी चूत से मैंने पानी निकाल कर रख दिया था वह पूरी तरीके से उत्तेजित हो चुकी थी। उसकी उत्तेजना मे और भी ज्यादा बढ़ोतरी हो गई जब उसने मेरे पजामे को खोलते हुए मेरे मोटे लंड को बाहर निकाल कर अपने मुंह के अंदर ले लिया। वह मेरे लंड को बड़े अच्छे तरीके से चूस रही थी मेरी पत्नी की बेवफाई के बाद तो मेरे लिए यह किसी जादुई करिश्मे से कम नहीं था और जिस प्रकार से वह मेरे लंड का रसपान कर रही थी उससे तो मेरी उत्तेजना और भी ज्यादा बढ़ती जा रही थी। मैं पूरी तरीके से जोश मे आ चुका था वह पूरी तरीके से मचलने लगी।
मैंने उसके गोल मटोल स्तनों पर अपने हाथों का स्पर्श किया तो वह मेरी तरफ देखकर मुझे कहने लगी मुझसे नहीं रहा जा रहा है। मैंने उसके गुलाबी होंठों को चूमना शुरू किया और काफी देर तक मैं उसके होठों का रसपान करता रहा मैंने उसके स्तनों का भी रसपान बहुत देर तक किया। जब कमला की योनि से कुछ ज्यादा ही पानी बाहर की तरफ निकलने लगा तो हम दोनों ही उत्तेजित हो चुके थे। मैंने कमला की चूत पर जैसे ही अपने लंड को लगाया तो उसके अंदर से गर्मी बाहर निकलने लगी और धीरे-धीरे में उसकी चूत के अंदर लंड को घुसाने लगा। जैसे ही मेरा लंड कमला की चूत के अंदर प्रवेश हुआ तो वह चिल्लाने लगी मेरा लंड कमला की चूत के अंदर तक जा चुका था। मैंने उसके हाथों को कस कर पकड़ लिया था उसने मुझे अपने दोनों पैरों के बीच में जकड़ा हुआ था मैं उसे लगातार तेजी से धक्के मार रहा था और मुझे उसे चोदने में बहुत मजा आ रहा था।
काफी देर तक मैं उसकी चूत का आनंद लेता रहा जब मेरा लंड कमला की योनि के अंदर बाहर होता तो मुझे बहुत ज्यादा मजा आता और कमला को भी बड़ा आनंद आता। काफी देर तक हम लोग एक दूसरे के साथ ऐसे ही संभोग का आनंद लेते रहे जब मेरे अंडकोष से मेरा वीर्य बाहर की तरफ को निकलने लगा तो मैंने अपने लंड को बाहर निकालते हुए कमला के मुंह में अपने लंड को घुसा दिया। उसने मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू किया तो उसे बड़ा अच्छा लगने लगा वह काफी देर तक मेरे लंड का रसपान करती रही। उसने मेरे लंड को पूरा गीला बना दिया था उसने जब मेरे लंड से मेरे वीर्य को बाहर निकाल दिया तो मुझे बहुत ही अच्छा लगा और उसने मेरे वीर्य की बूंदों को अपने मुंह के अंदर ले लिया। कमला ने मेरी आग को बुझा दिया था वह मेरी भावनाओं को भी समझती थी कमला को मेरे रूप में एक अच्छा साथी मिल चुका था और मुझे भी कमला का साथ पाकर बहुत अच्छा लगता। मेरी पत्नी की बेवफाई अभी मेरे साथ वैसे ही हैं वह अब भी मेरे प्रति वफादार नहीं है वह अपने प्रेमी के साथ ना जाने कितने बार शारीरिक संबंध बनाती है लेकिन कमला मेरी जरूरतों को पूरा कर देती है।



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